
झाबुआ विकासखंड, झाबुआ ज़िला
ग्राम सालारपाड़ा का सामाजिक-सांस्कृतिक एटलस
गाँव की पहचान, लोक इतिहास, प्रकृति, जल-संरचना और पारंपरिक भील सामाजिक व्यवस्था का संकलन।
गाँव के नाम की कहानी
सालार वृक्षों की बहुतायत से इस गाँव का नाम सालारपाड़ा पड़ा।
गाँव का इतिहास एवं बसाहट
यहाँ 3 फलियों के 49 युवाओं ने ग्रामगुरुकुल वर्ग में भाग लिया और गाँव के विकास का संकल्प लिया।
नदी, तालाब, पहाड़ और जलस्रोत
गाँव के पास जलधारा।
पेड़-पौधे, पशु और वनस्पतियाँ
सालार और औषधीय पेड़।
खेती और चराई की जगहें
पशु चराई क्षेत्र।
पारंपरिक व्यवस्था एवं पंचायत
फलिया तड़वी व्यवस्था।
परंपराएँ, पर्व और त्योहार
नवाई और सामूहिक उत्सव।
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