🌿ग्रामगुरुकुल प्रकाशन — झाबुआ

ग्रामगुरुकुल प्रकाशन (Gram Gurukul Prakashan — gramgurukulprakashan.com) — "जो बांचेगा
वही बचेगा"

झाबुआ के परंपरागत ज्ञान-विज्ञान और भील संस्कृति को देश-दुनिया में सही रूप में ले जाना, और आधुनिक ज्ञान को झाबुआ के गाँवों में सरल भाषा में पहुँचाना।

सक्रिय ग्राम वाचनालय
125 पुस्तकें प्रति पेटी
शिवगंगा ग्राम वाचनालय सिलखोदरी — जो बांचेगा वही बचेगा

ग्राम सिलखोदरी — झाबुआ

शिवगंगा ग्राम वाचनालय: "जो बांचेगा, वही बचेगा"

125

पुस्तकों का संचयन

रामायण, आज़ाद, शिवाजी व पंचतंत्र

झाबुआ की माटी में ज्ञान-क्रांति

0+झाबुआ + आलीराजपुर

गाँवों में ग्राम वाचनालय

0हर पेटी में

पुस्तकें प्रति वाचनालय

0विविध ज्ञान

विषय

0अविरल अभियान

से सक्रिय

हमारे प्रमुख कार्य

गाँव और शहर के बीच ज्ञान का सेतु बनाना — गाँव का ज्ञान दुनिया तक, दुनिया का विज्ञान गाँव तक

धरातल से जीवंत झलकियाँ

झाबुआ के गाँवों में लोक-चेतना, पठन क्रांति और हलमा की प्रेरणादायी यात्रा

पद्मश्री महेश शर्मा जी ग्रामीण बुजुर्ग के साथ
आत्मीय संवाद

पद्मश्री महेश शर्मा जी ग्रामीण बुजुर्ग के साथ

ग्राम सिलखोदरी में शिवगंगा वाचनालय की शुरूआत
जो बांचेगा वही बचेगा

ग्राम सिलखोदरी में शिवगंगा वाचनालय की शुरूआत

वाचनालय पेटी के चारों ओर पठन चक्र में बच्चे
बाल पठन संस्कृति

वाचनालय पेटी के चारों ओर पठन चक्र में बच्चे

ग्रामगुरुकुल प्रकाशन की टोली
प्रकाशन टोली

ग्रामगुरुकुल प्रकाशन की टोली

ग्रामगुरुकुल वर्ग — सेमलपाड़ा (थांदला)
व्यक्तित्व विकास

ग्रामगुरुकुल वर्ग — सेमलपाड़ा (थांदला)

मालवई के 10वीं सदी के प्राचीन मंदिर में अध्ययन दल
ऐतिहासिक धरोहर

मालवई के 10वीं सदी के प्राचीन मंदिर में अध्ययन दल

प्रमुख पुस्तकें एवं प्रकाशन

नवभगीरथ, भीलांचल की आवाज, और स्थानीय पाठ्यपुस्तकें

सभी पुस्तकें देखें →

इस ज्ञान-यज्ञ में आपका स्वागत है

हमें लेखकों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों, डिज़ाइनरों, विषय विशेषज्ञों और गाँव के जानकार अग्रजों की आवश्यकता है। झाबुआ के ज्ञान का उजियारा दुनिया में फैलाने और नए ज्ञान को झाबुआ में लाने के लिए जुड़ें।