
नवभगीरथ — झाबुआ में गंगावतरण
लेखक: गिरीश प्रभुणे (अनुवाद: डॉ. मोहन ब. बांडे)
झाबुआ के परंपरागत ज्ञान-विज्ञान और भील संस्कृति को देश-दुनिया में सही रूप में ले जाना, और आधुनिक ज्ञान को झाबुआ के गाँवों में सरल भाषा में पहुँचाना।

ग्राम सिलखोदरी — झाबुआ
शिवगंगा ग्राम वाचनालय: "जो बांचेगा, वही बचेगा"
पुस्तकों का संचयन
रामायण, आज़ाद, शिवाजी व पंचतंत्र
गाँवों में ग्राम वाचनालय
पुस्तकें प्रति वाचनालय
विषय
से सक्रिय
गाँव और शहर के बीच ज्ञान का सेतु बनाना — गाँव का ज्ञान दुनिया तक, दुनिया का विज्ञान गाँव तक
गाँवों में पुस्तकों की पेटी स्थापित, जहाँ 125 पुस्तकों के माध्यम से पठन संस्कृति घर-घर पहुँच रही है।
अधिक जानें →गाँव के युवाओं, किशोरों और महिलाओं के लिए स्वावलंबन, व्यक्तित्व विकास और सामाजिक दायित्व के वर्ग।
अधिक जानें →गाँव के अद्वितीय परंपरागत ज्ञान, देशी बीजों, जल-संरक्षण और लोक इतिहास को प्रामाणिक रूप से लिपिबद्ध करना।
अधिक जानें →शहरों के आधुनिक विज्ञान और तकनीक को गाँव के पाठकों के लिए अत्यंत सरल हिंदी व स्थानीय बोली में प्रकाशित करना।
अधिक जानें →झाबुआ के गाँवों में लोक-चेतना, पठन क्रांति और हलमा की प्रेरणादायी यात्रा

पद्मश्री महेश शर्मा जी ग्रामीण बुजुर्ग के साथ

ग्राम सिलखोदरी में शिवगंगा वाचनालय की शुरूआत

वाचनालय पेटी के चारों ओर पठन चक्र में बच्चे

ग्रामगुरुकुल प्रकाशन की टोली

ग्रामगुरुकुल वर्ग — सेमलपाड़ा (थांदला)

मालवई के 10वीं सदी के प्राचीन मंदिर में अध्ययन दल
नवभगीरथ, भीलांचल की आवाज, और स्थानीय पाठ्यपुस्तकें

लेखक: गिरीश प्रभुणे (अनुवाद: डॉ. मोहन ब. बांडे)


भील संस्कृति, इतिहास, स्थानीय भूगोल और शिक्षा की समग्र दृष्टि
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