
ग्रामगुरुकुल वर्ग — सेमलपाड़ा (थांदला)
व्यक्तित्व विकास, खेल और गाँव के उत्थान पर विचार-विमर्श। युवाओं में नेतृत्व क्षमता जगाने का सत्र।
ग्राम वाचनालय से लेकर ग्रामगुरुकुल वर्ग और प्रकाशन तक — जानें हमने क्या किया
गाँवों में ग्राम वाचनालय
पुस्तकें प्रति वाचनालय
विषय
से सक्रिय
शिवगंगा के मार्गदर्शन में हमने झाबुआ के 900 से अधिक गाँवों में ग्राम वाचनालय शुरू किए, जिसका नारा है "जो बांचेगा वही बचेगा"।
हर गाँव में एक पेटी में 125 किताबें दी गईं, जिनमें 14 प्रकार के विषय शामिल हैं — जैसे खेती, स्वास्थ्य, इतिहास, लोककथाएँ, बच्चों की किताबें, विज्ञान और अन्य।
इसके साथ ही ग्रामगुरुकुल वर्ग आयोजित किए जाते हैं, जिनमें गाँव के युवाओं और किशोरों को व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व और समाज-सेवा के संस्कारों से जोड़ा जाता है।
सेमलपाड़ा, सालारपाड़ा, उदयपुरिया और धरमपुरी में युवाओं व ग्रामीणों की सहभागिता

व्यक्तित्व विकास, खेल और गाँव के उत्थान पर विचार-विमर्श। युवाओं में नेतृत्व क्षमता जगाने का सत्र।

3 फलियों के 49 युवा शामिल हुए। खेल, सामूहिक संवाद और ग्राम-सेवा के संकल्प लिए गए।

जल-संरक्षण और पहाड़ पर कंटूर ट्रेंच बनाने के लिए हलमा टी-शर्ट पहने एकजुट युवा।

27 अक्टूबर 2023 को ग्राम वाचनालय की पेटियों का औपचारिक वितरण एवं शुभारंभ।
झाबुआ के गाँवों में ग्राम वाचनालय के लिए गाँव के अनुकूल और प्रेरक साहित्य ढूँढने की यात्रा शुरू हुई।
गाँव-गाँव में 125 पुस्तकों की विशेष लोहे की पेटी पहुँचाने का कार्य गतिमान हुआ।
झाबुआ ज़िले के 900 से अधिक गाँवों में वाचनालय सक्रिय हुए और "जो बांचेगा वही बचेगा" जन-आंदोलन बना।
गाँव के युवाओं के लिए गुरुकुल वर्ग और "भीलांचल की आवाज" मासिक पत्रिका का नियमित प्रकाशन शुरू।
कक्षा 6 के लिए "मेरा जिला" पाठ्यपुस्तक और प्रामाणिक "छागोला ग्राम एटलस" का प्रकाशन।
कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान के लिए झाबुआ ज़िले पर आधारित एक विशेष पाठ्यपुस्तक, जो बच्चों को उनके अपने परिवेश से जोड़कर पढ़ाती है।
अधिक जानें →झाबुआ ज़िले के हर गाँव की कहानी, इतिहास, नदी-पहाड़, परंपराएँ और संस्कृति का एक विस्तृत दस्तावेज़ (छागोला एटलस प्रकाशित)।
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